Connect with us

मुख्यमंत्री कार्यालय के इगास कार्यक्रम स्थगित, बताई जा रही ये वजह…

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री कार्यालय के इगास कार्यक्रम स्थगित, बताई जा रही ये वजह…

उत्तराखंड में देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में गुरुवार की शाम होने वाले इगास के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। कार्यक्रम को स्थागित करने की वजह सीएम पुष्कर सिंह धामी के सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ग्राउंड जीरो पर होना बताया जा रहा है। टनल हादसे में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन अब अपने आखिरी पड़ाव है। देश-विदेश से आई मशीनों के जरिए अब बचाव दल 41 मजदूरों को निकालने के बहुत करीब पहुंच गया है। मजदूरों के जल्द बाहर निकलने की उम्मीद की जा रही है। वहीं मातली में सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के मद्देनजर अस्थाई रूप से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय भी बनाया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बैसाखी पर्व की बधाई…

मिली जानकारी के अनुसार उत्तरकाशी सुरंग हादसे में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए जारी रेस्क्यू ऑपरेशन अब अपने आखिरी पड़ाव है। उम्मीद की जा रही है गुरुवार को सभी मजदूर सही-सलामत बाहर आ जाएंगे। इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक की नजर है। सीएम धामी ने आज जहां सुरंग में फंसे मजदूरों में से गब्बर सिंह नेगी और सबा अहमद से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। वहीं उनके ग्राउंड जीरो पर होने के कारण देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में होने वाले ईगास कार्यक्रम को स्थागित कर दिया गया है। इसी क्रम में अब अहम निर्णय लेते हुए फिलहाल जब तक रेस्क्यू ऑपेरशन चल रहा है तब तक के लिए मातली में जहां मुख्यमंत्री ठहरे हुए हैं वहीं पर अस्थाई रूप से सीएम कैम्प कार्यालय भी बना दिया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  टीबी मुक्त भारत अभियान की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव नाराज, कम प्रदर्शन वाले सीएमओ को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश

वहीं सीएम धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने गुरुवार को सिलक्यारा, उत्तरकाशी में टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायज़ा लेने के उपरांत राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा हेतु बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी एजेंसी आपसी समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटे रहें। हम सब का यह प्रयास हो की फंसे श्रमिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए। फंसे श्रमिकों को निकालने हेतु हर संभव प्रयास करें। उन्होंने अधिकारियों को टनल में फंसे श्रमिकों का विशेष ध्यान रखे जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा अंदर श्रमिकों की मांग अनुसार हर संभव सामग्री उपलब्ध कराई जाए। हर दिन डॉक्टरो से उनकी बात करवाई जाए। साथ ही श्रमिकों एवं उनके परिजनों के बीच निरंतर संवाद कायम करवाया जाए।

यह भी पढ़ें 👉  डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों के अनुकरण से सशक्त बनेगा नया भारत – मुख्यमंत्री

 

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement
Advertisement
Advertisement
To Top