Connect with us

Dehradun News: खैर तस्करों की मनपंसद जगह बनी लच्छीवाला का जंगल

उत्तराखंड

Dehradun News: खैर तस्करों की मनपंसद जगह बनी लच्छीवाला का जंगल

ऋषिकेश। खैर तश्करों में वन विभाग का कोई खौफ नहीं है। यही कारण है कि खैर तश्कर बार-बार लच्छीवाला वन रेंज से खैर के बेशकीमती पेड़ काट ले जा रहे हैं।
लच्छीवाला वन रेंज की देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी फतेहपुर बीट से अब फिर से खैर तश्कर चार से छह फीट गोसाई के वर्षो पुराने खैर के पेड़ चोरी कर ले गए हैं। इन दोनों पेड़ों को आरियों से काटा गया है।

एक पेड़ का झिंगाव भी पेड़ के पास मौजूद है। जिस जगह से खैर के यह पेड़ काटे गए हैं। उस स्थान पर सालों पहले खैर का घना जंगल होता था। लेकिन अब जंगल में खैर के पेड़ नाममात्र के बचे हैं। और जो पेड़ बचे हैं। उन पर भी खैर तश्करों की नजर लगी हुई है। खैर तश्करों के हौसले इतने बुंलद हैं कि उन्हे वन अधिकारियों का कोई खौफ नहीं है। यही कारण है कि वन तश्कर एक के बाद एक दर्जनों खैर के पेड़ों पर आरियां चला चुके हैं।

यह भी पढ़ें 👉  आयुष सेवाओं के विस्तार और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान के निर्देश…

कुल मिलाकर लच्छीवाला की फतेहपुर बीट में खैर के पेड़ तश्करों के निशाने पर हैं। और वन विभाग चिर निंद्रा में है। खैर तश्करों पर वन विभाग की लचर कार्रवाई से तश्कर एक के बाद एक खैर के पेड़ काटने की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  ईंधन बचत का संदेश देने स्कूटी से कैंप कार्यालय पहुंचे मंत्री गणेश जोशी…

खैर की लकड़ी से कत्था बनाया जाता है। और दूसरे कार्यो में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। जिस कारण खैर तश्कर इस बेशकीमती लकड़ी को जंगल से पूरा पेड़ सहित काट ले जाते हैं। फतेहपुर बीट में अंदर जाकर पूरा जंगल खाली पड़ा हुआ है। कहीं-कहीं कुछ पापड़ी और दूसरे पेड़ जरूर दिखाई देते हैं। चारों तरफ जंगलों में पेड़ों की जगह झाड़ियां उगी हुई हैं। जो वन विभाग की पोल खोलती हैं।

पहले भी दर्जनों पेड़ों पर चली थी आरियां

ऋषिकेश। बीते अक्टूबर माह में भी लच्छीवाला के फतेहपुर बीट से खैर तश्कर दर्जनों खैर के पेड़ चुरा ले गए थे। राष्ट्रीय सहारा ने बीते सात अक्टूबर को जब इस बारे में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो वन अधिकारियों ने तश्करों की धर-पकड़ कर कुछ आरोपियों को पकड़ा था। लेकिन कुछ आरोपियों को पकड़ने में लच्छीवाला वन रेंज की टीम नाकाम साबित हुई थी। तब वन अधिकारियों ने फतेहपुर बीट के फॉरेस्टर को सस्पेंड भी किया था। लेकिन खैर तश्करों में वन विभाग का कोई खौफ नहीं होने के कारण लच्छीवाला वन रेंज खैर तश्करों के निशाने पर है।

यह भी पढ़ें 👉  प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर देहरादून प्रशासन अलर्ट, डीएम ने तैयारियों की समीक्षा की…
Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement
Advertisement
Advertisement
To Top