Connect with us

बिन मां की 04 निर्धन बेटियां; जो आज तक नही गई स्कूल; डीएम ने कराया दाखिला

उत्तराखंड

बिन मां की 04 निर्धन बेटियां; जो आज तक नही गई स्कूल; डीएम ने कराया दाखिला

देहरादून: जिला प्रशासन द्वारा असहाय व्यथित भटकते जीवन में उम्मीद एवं आशा व शिक्षा की किरण दिखाने का कार्य निरंतर जारी है, जहां 03 बेटियों को स्कूल में दाखिला दिलाया वहीं 1 बेटी को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर सेवायोजित करने की तैयारी है।

विगत जनता दर्शन में 03 छोटी बहनों की बड़ी बहन सरिता ने जिलाधकारी संविन बसंल से अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनकी माता की डूबने से मृत्यु हो गई है, पिता कुछ कामधन्धा नही करते 03 बहनों की शिक्षा-दीक्षा विवाह तक की जिम्मेदारी उन पर है तथा फीस देने के पैसे नही हैं बहनों की स्कूल की शिक्षा छूट गई है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में किसान मेला शुरू, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित…

सरिता ने जिलाधिकारी से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को 03 बहनों को स्कूल में दाखिला दिलाने तथा जीएमडीआईसी को सरिता को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर सेवायोजित करने तथा कृत कार्यवाही से अवगत कराने को निर्देशित किया था।

जिलाधिकारी के निर्देश पर सरिता की 3 बहनों को रा.प्रा.वि. लाडपुर, रायपुर में प्रवेश दिला दिया गया है, जिसकी पुष्टि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने की है। सरिता को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर योग्तयानुसार सेवायोजित करने के डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जीएमडीआईसी को पत्र प्रेषित किया गया है, जिसे जल्द रोजगारपरक प्रशिक्षण के साथ सेवायोजित तथा स्वरोजगार से जोड़ने की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  इंटेंसिव केयर सेंटर से वंचित बच्चों को मिल रही नई राह…

जिला प्रशासन ने सामाजिक सरोकार को आगे बढ़ाते हुए निर्धन एवं असहाय परिवारों की बेटियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर संबंधित विभागों की टीम द्वारा ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनकी बेटियों का स्कूल में दाखिला नहीं हो पा रहा था, इसके लिए प्राजेक्ट नंदा सुनंदा में सराहनीय कार्य किए जा रहे है।

यह भी पढ़ें 👉  यमुनोत्री क्षेत्र के 5 मोटर मार्ग राज्य योजना में स्वीकृत…

डीएम ने स्वयं पहल कर इन बालिकाओं का प्रवेश सरकारी विद्यालय में कराया और उन्हें निःशुल्क पुस्तकों, यूनिफॉर्म एवं अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई। इस अवसर पर डीएम ने कहा कि “शिक्षा ही बच्चों का भविष्य संवार सकती है, इसलिए हर बेटी को पढ़ाई का अवसर मिलना चाहिए।

Continue Reading
Advertisement

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement
Advertisement
Advertisement
To Top