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धामी के 3 साल बेमिसाल, हर वायदे पर खरी उतरी सरकार

उत्तराखंड

धामी के 3 साल बेमिसाल, हर वायदे पर खरी उतरी सरकार

देहरादून: उतराखंड की बागडोर संभाल रहे युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य मे पहले और देश के उन प्रमुख मुख्यमंत्रियों की कतार मे खड़े है जिनके फैसलों और वायदों पर शत प्रतिशत खरा उतरने वालों के रूप मे सर्वाधिक चर्चा होती है।

जनता की नब्ज टटोलकर निर्णय लेने वाले धामी के कार्यकाल मे दर्जनों ऐसे निर्णय सामने आये, जिनका बेमन से विपक्ष ने विरोध जताया, लेकिन जनता ने न केवल उसे सराहा, बल्कि समय समय पर उप चुनाव, निकायों मे इन पर सहमति की मुहर तक लगायी। आज तेजी से आगे बढ़ रहे उत्तराखण्ड मे सीएम धामी और विकास एक दूसरे के पूरक बन गए हैं।

अपने वायदे के अनुसार सीएम धामी के दृढ़ इच्छा शक्ति से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। मातृ शक्ति को अधिकार संपन्न बनाने और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने की दिशा मे उनकी पहल का देश भर मे स्वागत किया गया। खुद पीएम मोदी ने उनकी इस पहल की मुक्त कंठ से प्रसंसा की, बल्कि नजीर भी बताया।

राज्य मे वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत अब पात्र पति व पत्नी दोनों को लाभ मिल सकेगा। सड़क, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी तथा आम जन तक राहत पहुंचाने वाले फैसले अमल मे लाये गए। वृद्धावस्था, निराश्रित विधवा भरण पोषण अनुदान तथा दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत प्रदत्त दर 1200 रूपये प्रतिमाह में 200 रूपये की वृद्धि की गई है। अब इनमें प्रतिमाह 1400 रूपये पेंशन प्राप्त हो रही है ।

चारधाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिरों और गुरूद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। कुमायूं के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन की शुरूआत होगी। मिशन मायापुरी के अंतर्गत हरिद्वार को योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी और विश्व में आध्यात्मिक पर्यटन के लिये सबसे बड़े स्थलों के रूप में बदलने के लिये उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे नेटवर्क निर्माण के लिये पर्वत माला परियोजना प्रारम्भ की गई है ।

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नगरीय क्षेत्रों में ट्रेफिक समस्या को दूर करने के लिये पार्किंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सर्फेस पार्किंग के साथ ही मल्टीस्टोरी पार्किंग, केविटी पार्किंग व टनल पार्किंग भी विकसित किये जाने की योजना प्रारंभ हुई है।

उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में 4 जी/5 जी मोबाईल नेटवर्क एवं हाई स्पीड ब्राडबैंड व फाइबर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करायी जानी प्रस्तावित है।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर एक सीएम किसान प्रोत्साहन निधि की शुरूआत होगी।
हिम प्रहरी योजना के अंतर्गत राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निकटवर्ती जिलों में बसने के लिये सभी आवश्यक सहायता प्रदान की गई हैं ।

जीरो टॉलरेंस के तहत भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु भ्रष्टाचार मुक्त एप-1064 का शुभारम्भ किया गया है । पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बढ़ाकर 500 रूपये कर दिया है। प्रदेश के सभी अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति वर्ष तीन गैस सिलेंडर मुफ्त दिया जा रहे हैं । इससे संबंधित लाभार्थियों की संख्या 1 लाख 84 हजार 1 सौ 42 होंगे तथा इस पर कुल 55 करोड़ रू. का व्यय भार होगा। गेंहू खरीद से संबंधित हर वर्ष की तरह कृषकों को प्रति क्विंटल 20 रू. बोनस देने का निर्णय दिया गया है। गन्ना मूल्य भुगतान के लिये गन्ना विभाग को धन की आवश्यकता होगी तो उसकी प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। यदि इस शुल्क को देने के लिये धन की आवश्यकता होगी तो सरकार वित्तीय सहायता देने की योजना बनाई गई है ।

धामी सरकार ने वीर सैनिकों सम्मान को बढ़ावा देने का भी कार्य किया इसके उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि की गई। परमवीर चक्र 30 लाख से 50 लाख, अशोक चक्र 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गैलेन्ट्री मेडल 07 लाख से 15 लाख, मैन्सइनडिस्पेच 03 लाख से 10 लाख की गयी।
कोविड 19 की अवधि में चिकित्सा विभाग के अंतर्गत आउटसोर्स के माध्यम से स्वीकृत पद से अधिक तैनात कार्मिकों के संबंध में निर्णय लेने हेतु मंत्रीमण्डलीय उपसमिति का गठन किया गया।

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सरकारी खर्चे को कम करने की दिशा में कदम उठाते हुए सीएम ने राजधानी में होटल या अन्य निजी स्थानों पर आयोजित होने वाले सरकारी कार्यक्रमों को मुख्य सेवक सदन में आयोजित किए जाने हेतु मुख्य सचिव को निर्देशित किया, साथ ही सभी जनपदों में भी यही कार्यप्रणाली लागू करने के लिए कहा है।

एमएसएमई 2015 की नीति के तहत सब्सिडी प्राप्त करने हेतु पहले से पूर्व पंजीकृत होना जरूरी था, किन्तु जानकारी के अभाव में इससे सम्बन्धित लगभग 100 लाभार्थी सब्सिडी वंचित रह गये थे। इन लाभार्थियों को भी छूट देते हुए सब्सिडी देने की मंजूरी दी गयी है। एमएसएमई के अन्तर्गत प्लॉट ऑफ सैड के बिक्री को सर्कल रेट से लिंक करने की मंजूरी दी गयी है। केदारनाथ पुनर्निर्माण मास्टर प्लान बनाने वाली फर्म को सोनप्रयाग में भी मास्टर प्लान बनाने को मंजूरी दी गयी है।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रो में मोबाईल टॉवर से सम्बन्धित टॉवर से सम्बन्धित फीस निर्धारण से सम्बन्धित समस्या का निराकरण किया गया है। अब भारत सरकार द्वारा निर्धारित गाईडलाईन के कारण फीस निर्धारण विलम्ब होने से मोबाईल सेवा बाधित नही होगी।

उत्तराखण्ड की आय को 05 वर्ष में दोगुना करने के लिए विभिन्न विभागों से रिपोर्ट लिया जाएगा एवं उत्तराखण्ड की आय को दोगुना करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कन्संलटेन्सी ऐजेंसी नियुक्त की जाएगी।

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यूकेएसएससी की लगभग 7 हजार पदों पर गतिमान भर्ती प्रक्रिया को यूकेपीएससी के माध्यम से संपन्न किया जाएगा। रोजगार के लिए सजग धामी सरकार मे 20 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरियां पा चुके हैं। महिलाओं को सरकारी नौकरियों के क्षैतिज आरक्षण का कानून बनाया गया है। वहीं खेलों को बढ़ावा दे रही धामी सरकार ने खेल पुरस्कार राशि बढायी है।

प्रदेश के सांस्कृतिक सरंक्षण के लिए सरकार प्रदेश में धर्मान्तरण सम्बंधित कानून लायी है। युवाओं के हक पर डाका डालने वाले नकल माफिया को सलाखों के पीछे धकेलकर सरकारी
देश का सबसे सख्त “नकल विरोधी कानून” लायी। दंगारोधी कानून तथा लैंड जिहाद पर कार्रवाई कर 144. 5 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया।

सरकार प्रदेश के धार्मिक स्थलों को दिव्य और भव्य स्वरूप देने के लिए केंद्र के सहयोग से कई योजनाओं पर कार्य कर रही है। यमुनोत्री केदारनाथ और हेमकुंड मे रोपवे के साथ ही आदि कैलाश और ओम पर्वत शिखर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा तथा चारधाम के नाम के प्रयोग के विरुद्ध सख्त कानून भी लायी है।

प्रदेश मे मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की गयी है जिसमे 123. DBT से 241 छात्रों के खाते में ₹33 लाख 52 हजार रुपये भेजे गए। पीएचडी करने वाले 100 मेधावी विद्यार्थियों को प्रतिमाह ₹5000 की छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी।

प्रदेश की जमीन की रक्षा के लिए सख्त भू कानून धामी सरकार ने अपने वायदे के मुताबिक विस से पास करा लिया। अब तक गैर प्रयोजन उपयोग मे लायी गयी भूमि को सरकार मे निहित करने का प्रावधान इस कानून मे किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों मे अब कृषि भूमि को कोई बाहरी व्यक्ति नही खरीद पायेगा।

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