Connect with us

उत्तराखण्ड बनेगा भारतीय ज्ञान-विज्ञान और संस्कृति का वैश्विक केंद्र: मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखंड

उत्तराखण्ड बनेगा भारतीय ज्ञान-विज्ञान और संस्कृति का वैश्विक केंद्र: मुख्यमंत्री धामी

 

देहरादून, 05 मई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखण्ड को भारतीय ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति और अध्यात्म का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान को विश्वस्तरीय स्वरूप दिया जाएगा।

मंगलवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने संस्थान के समग्र विकास और विस्तार योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य शीघ्र शुरू कर आगामी कुंभ से पहले पूर्ण किया जाए। उन्होंने पर्यटन विभाग को नोडल विभाग बनाते हुए प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु को नियमित प्रगति की निगरानी के निर्देश भी दिए।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून में एसआईआर-2026 अभियान को बड़ी सफलता, 100% गणना प्रपत्र वितरण, 86.34% डिजिटाइजेशन पूरा…

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ऋषियों, ज्ञान और वैज्ञानिक परंपरा की भूमि रही है। इस संस्थान के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को एक मंच पर लाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि संस्थान में वैदिक गणित, वेदों में निहित विज्ञान, उपनिषदों का दर्शन, भारतीय तर्कशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान और जीवन मूल्यों पर आधारित आधुनिक शोध व्यवस्थाएं विकसित की जाएं।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी ने 24 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को दी मंजूरी

उन्होंने प्राचीन भारतीय वैज्ञानिकों आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और वराहमिहिर के योगदान को शिक्षा और शोध से जोड़ने पर जोर देते हुए खगोल विज्ञान, धातु विज्ञान, कृषि विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वेदों और उपनिषदों में वर्णित नैतिक शिक्षा, अनुशासन और मानवीय मूल्यों को समाज तक पहुंचाना आज की आवश्यकता है। यह संस्थान शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्र निर्माण का भी केंद्र बनेगा। उन्होंने डिजिटल पांडुलिपि संरक्षण केंद्र, आधुनिक पुस्तकालय, शोध प्रयोगशालाएं, संगोष्ठी केंद्र और ई-लर्निंग सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए।

यह भी पढ़ें 👉  धामी सरकार के 5 साल पूरे, सेवा पखवाड़े की शुरुआत; 219 करोड़ की 51 विकास योजनाओं की सौगात

बैठक में संस्थान को योग, आयुर्वेद, ज्योतिष, पर्यटन और भारतीय विद्या के विभिन्न आयामों के समेकित केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावित ढांचे में श्रुति केंद्र, दर्शन केंद्र, आयु केंद्र, विज्ञान केंद्र और कला केंद्र के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जबकि जिलाधिकारी हरिद्वार वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

Continue Reading
Advertisement

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement
Advertisement
Advertisement
To Top