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ऐतिहासिक श्री झंडेजी मेले का इस दिन होगा शुभारंभ, तैयारियां तेज…

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ऐतिहासिक श्री झंडेजी मेले का इस दिन होगा शुभारंभ, तैयारियां तेज…

Jhanda Mela 2024: देहरादून में झंडे जी मेले की तैयारियां जोरशोर से शुरु हो गई हैं। श्री झंडा जी मेला आयोजन समिति की ओर से मेला आयोजन के कार्यक्रमों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। ऐतिहासिक श्री झंडेजी मेला का शुभारंभ 30 मार्च को झण्डे जी आरोहण के साथ ही हो जाएगा।  इस वर्ष मेले में बहुत कुछ खास होने वाला है। तो वहीं बताया जा रहा है कि श्री झंडेजी पर दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का पवित्र सौभाग्य होशियारपुर, पंजाब के हरभजन सिंह को प्राप्त हुआ है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार दरबार साहिब में झंडा साहिब की विशेष पूजा अर्चना व अरदास के साथ इस साल की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दरबार साहिब, देहरादून के सज्जादानशीन महंत देवेन्द्र दास महाराज के नेतृत्व में एक दल अराईयांवाला, हरियाणा के लिए रवाना हुआ, वहां पर झण्डे जी का आरोहण किया जाएगा। वहीं इससे पहले श्री दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने मेला आयोजन समिति के सदस्यों को दिशा निर्देश दिए।

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बताया जा रहा है कि मेला आयोजन के कार्यक्रमों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। जिसके अनुसार 18 मार्च 2024 सोमवार को श्री दरबार साहिब के प्रतिनिधि के रूप में सुबोध उनियाल पंजाब की पैदल संगत के लिए हुकमनामा लेकर रवाना हो चुके हैं. 20 मार्च को अराईयांवाला में श्री झंडे जी का आरोहण होगा. 21 मार्च को श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज सहसपुर में पैदल संगत का स्वागत सत्कार होगा। 22 मार्च को पैदल संगत का कांवली गांव में प्रवेश और आदर सत्कार होगा।

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वहीं 22 मार्च की शाम को श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज की अगुवाई में दर्शनी गेट पर पैदल संगतों का स्वागत किया जाएगा। 27 मार्च से गिलाफ सिलाई का कार्य शुरू होगा। 29 मार्च को परंपरा के अनुसार पूर्वी संगत की विदाई होगी। 30 मार्च को दून के ऐतिहासिक श्री झंडेजी का आरोहण होगा। 30 मार्च सुबह 8 से 9 बजे के बीच श्री झंडे जी को उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी। सेवकों और संगतों द्वारा श्री झंडे जी को दूध, दही, घी, गंगाजल और पंचगव्य से स्नान करवाया जाएगा।

सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक श्रीमंहत देवेंद्र दास जी महाराज द्वारा संगतों को दर्शन दिए जाएंगे और गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। शाम 3 से 4 बजे के बीच श्री झंडे जी का आरोहण किया जाएगा. 1 अप्रैल को एतिहासिक नगर परिक्रमा होगी। वहीं इस बार मेले के दौरान आठ बड़े और चार छोटे लंगरों का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा संगतों के लिए एसजीआरआर पब्लिक स्कूल रेसकोर्स, बिंदाल, राजा रोड, तालाब व बांबे बाग स्कूल के अलावा शहर के धर्मशाला व होटल के संचालकों से संपर्क कर ठहरने की व्यवस्था बनाई है।

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गौरतलब है कि झंडा मेला हर वर्ष होली के पांचवें दिन श्रीझंडे जी के आरोहण के साथ शुरू होता है और करीब एक महीने तक चलता है। कोरोना महामारी के चलते पिछले दो वर्ष में झंडा मेला का आयोजन सूक्ष्म रूप में किया गया। दरबार साहिब में शीश नवाने और श्री गुरु राम राय महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने को देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

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