Connect with us

अब इलाज के लिए नहीं भटकना होगा दूर-दराज के अस्पताल, सात जिलों में मिलेगी ये सुविधा…

उत्तराखंड

अब इलाज के लिए नहीं भटकना होगा दूर-दराज के अस्पताल, सात जिलों में मिलेगी ये सुविधा…

Uttarakhand News: उत्तराखंड में प्राइवेट कंपनियों में काम कर रहे कर्मियों के लिए खुशखबरी है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में रहने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों को अब इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पताल के लिए नहीं भटकना होगा।  प्रदेश सरकार जल्द ही राज्य के 7 पहाड़ी जिलों में ईएसआई अस्पताल (ESI Hospitals) और डिस्पेंसरी (Dispensary) खोलने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि इन जिलों में डिस्पेंसरियों की स्थापना और मेडिकल स्टाफ नियुक्ति की मंजूरी मिल चुकी है।

यह भी पढ़ें 👉  Rätsel um das Schneemonster - (EPUB, E-Book)

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार उत्तराखंड के 7 जिलों में अब तक ईएसआई हॉस्पीटल और डिस्पेंसरी नहीं हैं, जिसके वजह से इन क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों को इलाज के लिए काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं। यहां अगर कोई बीमार हो जाता है तो इलाज के लिए इन्हें काफी दूर तक भटकना पड़ता था। लेकिन अब केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड के 7 पर्वतीय जिलों में ईएसआई अस्पताल खोले जाएंगे।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित

बताया जा रहा है कि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर और पौड़ी में ईएसआई हॉस्पीटल खोला जाएगा। इसके साथ ही ईएसआई देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और पौड़ी में नई डिस्पेंसरियां भी खोलने जा रहा है। इनमें देहरादून में जीएमएस रोड पर, पौड़ी में श्रीनगर में, हरिद्वार में बहादराबाद, पिरान कलियर समेत तीन और यूएसनगर में रुद्रपुर में एक नई डिस्पेंसरी बनेगी।

यह भी पढ़ें 👉  राज्य में नैचुरल गैस पर वैट की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत, कैबिनेट ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय

रिपोर्टस की माने तो इन जिलों में ईएसआई अस्पताल खुलने के साथ ही सरकार की मंजूरी मिलते ही आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्तियां शुरू कर दी जाएंगी।हर जिले की डिस्पेंसरी में 2 एलोपैथिक डॉक्टर, 2 फार्मिस्ट, एक एएनएम/प्रसाविका, 1 कनिष्ठ सहायक नियुक्त रहेगा। सातों डिस्पेंसरियों के लिए सरकार ने फिलहाल 63 पद सृजित किए हैं। शासन द्वारा 3 महीने के भीतर ही प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की जा रही है।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement
To Top