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चिकित्सालय में संचालित चन्दन लैब में अव्यवस्थाओं पर भड़क़े डीएम; सीएमएस को 15 दिन में व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश

उत्तराखंड

चिकित्सालय में संचालित चन्दन लैब में अव्यवस्थाओं पर भड़क़े डीएम; सीएमएस को 15 दिन में व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय के ओपीडी कक्ष, पैथोलॉजी लैब, दवाई वितरण कांउटर, सर्जिकल वार्ड, आपरेशन कक्ष, टीकाकरण कक्ष, टीबी वार्ड, ट्रामा सेन्टर, बाल रोग वार्ड, एक्स-रे कक्ष, आईसीयू का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया।

इस दौरान जिलाधिकारी ने चिकित्सालय में भर्ती मरीजों से उनका हॉलचाल जाना तथा टीकाकरण कक्ष में स्टॉप, महिलाओं, तीमारदारों से चिकित्सालय में व्यवस्था के सम्बन्ध में जानकारी ली। लिफ्ट संचालित न होने तथा आरओ खराब होने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्था बनाने के निर्देश। जिलाधिकारी ने टीकाकरण विस्तारीकरण, टीकाकरण कक्ष में एसी, डिजिटल प्रिंटर लगाने, टीकाकरण में स्टॉप बढाने तथा एसएनसीयू संचालन के लिए स्टॉफ भर्ती स्वीकृति/निर्देश दिए।

सीएम के निर्देश; जनमन के सरकारी चिकित्सालय हो सुविधायुक्तकरने के निर्देशों के क्रम में डीएम जिले में सरकारी अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से आच्छादित करने में जुटे है। डीएम का पूरे 2 घंटे का औचक निरीक्षण, चिकित्सालय को दे गया सौगात, जल्द होगा अस्पताल का अपना SNCU बड़ा टीकाकरण केन्द्र। जिला चिकित्सालय की तर्ज पर अब ऋषिकेश चिकित्सालय में बनेगा मॉडल टीकाकरण कक्ष, विस्तारीकरण के साथ फैसिलिटी भी, एसी, व बच्चों के मनोरंजन अनुरूप सुविधा स्थापित किया जाएगा।

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डीएम के माह अक्टूबर के प्रथम निरीक्षण की तुलना इस विजिट में चिकित्सालय की सुविधा में बड़ा अन्तर दिखाई दिया है। डीएम ने सुविधाओं को निरंतर बढाने के निर्देश दिए। उप जिला चिकित्सालय की अपनी पहली विजिट में डीएम ने 40 लाख ब्लड सेपरेटर मशीन की थी स्वीकृत की थी जो इसी माह स्थापित की जा रही है। डीएम ने लैब टेक्निशियन, एसएनसीयू स्टॉफ पदों की मौके पर ही स्वीकृति दी। डीएम ने अपनी फर्स्ट विजिट; में चिकित्सालय का आईसीयू संचालित कराया था माह में लगभग 50 मरीज लाभ ले रहे हैं।

चिकित्सालय में संचालित चन्दन लैब में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम ने सीएमएस को 15 दिन में व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश दिए। वहीं चन्दन लैब अब 24×7 रहेगी संचालित करने तथा लैब का भुगतान एसडीएम एसीएमओ के सत्यापन उपरान्त ही दिए जाने को कहा। डीएम ने चिकित्सालय में महिला,पुरूष, बुजुर्ग एवं सामान्य वर्ग के होंगे अलग-2 दवा वितरण कांउटर बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम की नजर खराब लिफ्ट एवं आरओ खराब पर पड़ी जिस पर डीएम का पारा चढ गया। उन्होंने सीएमएस को फटकार, एक सप्ताह के भीतर ठीक कराने के निर्देश दिए।

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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने चंदन लैब में अव्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को फटकार लगाई तथा 15 दिन के भीतर निर्धारित शर्तों के अनुसार व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए साथ ही चंदन लैब का भुगतान उप जिलाधिकारी ऋषिकेश एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के सत्यापन के उपरान्त ही करने के निर्देश दिए।

चिकित्सालय में पर्याप्त लैब टैक्निशियन न होने पर निर्देशित किया कि लैब टैक्निशियन नियमित भर्ती तक उपनल के माध्यम से लैब टैक्निशियन रखे जांए इसके लिए स्वीकृति प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने लिफ्ट एवं आरओ खराब पाए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि गढवाल के सब अस्पताल जो गढवाल का द्वार है उसमें सभी व्यवस्थाएं सुविधाएं सुचारू रहें।

जिलाधिकारी ने एसएनसीयू की स्थिति जानी जिस पर बताया कि स्टॉफ की कमी के कारण संचालित नही हो पाया है, जिलाधिकारी से सीएमएस से पूछा कि एसएनसीयू के स्टॉफ के लिए मुख्य विकास अधिकारी की के संज्ञान लाते हुए एसएनसीयू के लिए स्टॉप चिकित्सक की व्यवस्था बनाते हुए संचालित कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान टीकाकरण कक्ष में कम जगह होने तथा एसी न लगे होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय की तर्ज पर टीकाकरण कक्ष का विस्तारीकरण किया जाए तथा एसी लगाए जाएं।

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चिकित्सालय का एक ही औषधि कक्ष खुला होने तथा बाकी बंद रखने पर फटकार लगाते हुए कांउटर खुलवाये निर्देश दिए कि चिकित्सा में महिला, पुरूष, बुजुर्ग एवं सामान्य वर्ग के अलग-2 काउंटर संचालित करे स्टॉफ बिठाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि नर्सिंग स्टेशन तथा चंदन लैब पर 24×7 संचालित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आईसीयू, आपरेशन के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की जिस पर बताया कि आईसीयू में 40 से 50 मरीज प्रतिमाह आते हैं, तथा माह में लगभग 50 मेजर आपरेशन तथा 45 मायनर आपरेशन किये जाते हैं। डीएम ने आईसीयू में आक्सीजन सप्लाई, मॉनिटिर आदि की जानकारी प्राप्त करते हुए उच्च स्तरीय व्यवस्था बनाए जाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त नगर निगम शैलेन्द्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगश मेहर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार सहित तहसीलदार ऋषिकेश चमन सिहं आदि मौजूद रहे।

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