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विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर जिला प्रशासन सख्त…

उत्तराखंड

विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर जिला प्रशासन सख्त…

देहरादून, 26 अप्रैल। सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में कथित गुंडागर्दी और लगातार विवादों को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए गुंडा एक्ट के तहत नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने 7 दिन के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जवाब न मिलने की स्थिति में जिला बदर की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनसुरक्षा, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और असहाय लोगों की सुरक्षा के मद्देनज़र यह कड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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बताया गया है कि बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 351(2), 352, 74, 126(2), 324(4) और 447 के तहत पांच मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में मारपीट, उत्पीड़न, पिस्टल तानने, बच्चों से गाली-गलौज, गाड़ी से टक्कर मारने का प्रयास, धमकाने, अभद्र भाषा का प्रयोग, स्थानीय लोगों और आरडब्ल्यूए सदस्यों को झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास तथा कूटरचित रजिस्ट्री के जरिए विधवा महिला की जमीन पर अनाधिकृत कब्जे जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

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इससे पहले दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने और लाइसेंसी हथियार का प्रदर्शन करने के मामले में जिलाधिकारी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पुनीत अग्रवाल का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर हथियार जब्त कर लिया था।

हाल ही में एटीएस कॉलोनी में नगर निगम/एमडीडीए की जमीन पर कथित अवैध निर्माण के विरोध में डीआरडीओ में तैनात वैज्ञानिक अनिरुद्ध शर्मा के साथ मारपीट का मामला भी सामने आया था। शिकायत के अनुसार निर्माण का मलबा उनके घर की ओर गिर रहा था, जिसका विरोध करने पर बिल्डर ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मारपीट की। इस घटना में वैज्ञानिक घायल हुए, जिसके बाद स्थानीय लोगों के थाने पहुंचने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिल्डर के खिलाफ कई शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।

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