उत्तराखंड
इंटेंसिव केयर सेंटर से वंचित बच्चों को मिल रही नई राह…
देहरादून, 7 अप्रैल। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी सविन बंसल के सतत प्रयासों से बाल भिक्षावृत्ति रोकने और वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में देहरादून में सराहनीय पहल की जा रही है। साधु राम इंटर कॉलेज में संचालित राज्य का पहला मॉडल इंटेंसिव केयर सेंटर अब बच्चों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।
इस सेंटर में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां कंप्यूटर शिक्षा, संगीत, योग और खेलकूद जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को निःशुल्क समग्र शिक्षा दी जा रही है, जिससे उनके व्यक्तित्व का बहुआयामी विकास हो सके।
केयर सेंटर में स्थापित आधुनिक और सुसज्जित स्मार्ट लाइब्रेरी बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां वंचित बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए विभिन्न ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। वातानुकूलित सुविधा, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और विशेष रूप से डिजाइन किए गए फर्नीचर के कारण बच्चों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिल रहा है। सेंटर का निरीक्षण करने आने वाले आगंतुक भी यहां दी जा रही सुविधाओं की सराहना कर रहे हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से सड़क पर भटकते बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए सेंटर में माइक्रो प्लानिंग के तहत कार्य किया जा रहा है। भीख मांगने और कूड़ा बीनने वाले बच्चों को चिन्हित कर उनकी काउंसलिंग की जाती है और उन्हें शिक्षा, तकनीकी ज्ञान, संगीत और खेलकूद गतिविधियों से जोड़ते हुए स्कूलों में दाखिला दिलाया जाता है।
इस पहल के संचालन के लिए जिला प्रशासन ने स्वैच्छिक समूह आसरा, समर्पण और सरफीना के साथ एमओयू किया है। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 325 बच्चों का रेस्क्यू कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। इनमें 91 भीख मांगने वाले, 97 बाल मजदूरी में संलिप्त और 137 कूड़ा बीनने वाले बच्चे शामिल हैं।
वर्तमान में इंटेंसिव केयर सेंटर में 25 बच्चों को नियमित शिक्षा दी जा रही है। सेंटर की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और इसका पूरा खर्च जिला प्रशासन द्वारा वहन किया जा रहा है। साथ ही आरबीएसके टीम द्वारा बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जा रहा है।


