Connect with us

लंबे समय से लंबित मांग को मिली मंजूरी, एसडीएसीपी लाभ से दंत चिकित्साधिकारियों का बढ़ेगा मनोबल

उत्तराखंड

लंबे समय से लंबित मांग को मिली मंजूरी, एसडीएसीपी लाभ से दंत चिकित्साधिकारियों का बढ़ेगा मनोबल

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने दंत चिकित्साधिकारियों (Dental Surgeons) को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एसडीएसीपी (SDACP) लाभ देने की औपचारिक मंजूरी प्रदान की है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025 को जारी आदेश में कहा गया है कि
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के दंत शल्य चिकित्साधिकारियों को एसडीएसीपी का लाभ प्रदान किया जाएगा।

यह निर्णय शासन के पूर्व के आदेश संख्या-654 (जुलाई 2016) और संख्या-154 (4 फरवरी 2019) के आधार पर लिया गया है। स्वास्थ्य सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा की गई संस्तुति के आधार पर दंत शल्य चिकित्साधिकारियों को यह लाभ अनुमन्य किया जाता है।
इसमें चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-1, देहरादून की संस्तुति को स्वीकार करते हुए
एसडीएसीपी (Special Duty Allowance Cum Promotion) का लाभ प्रदान करने की अनुमति दी गई है।

यह भी पढ़ें 👉  चार साल के कार्यकाल पर पीएम मोदी ने दी धामी सरकार को बधाई…

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है। दंत चिकित्साधिकारियों को एसडीएसीपी लाभ देने की मांग लंबे समय से लंबित थी।
यह निर्णय न केवल वित्तीय रूप से उन्हें लाभान्वित करेगा, बल्कि विभागीय मनोबल को भी ऊँचा करेगा। सरकार का उद्देश्य है कि हर स्वास्थ्य अधिकारी को उसका अधिकार और सम्मान मिले।

यह भी पढ़ें 👉  नगला तराई स्थित निजी आवास पर पारंपरिक उल्लास के साथ मना होली पर्व…

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस निर्णय से राज्यभर के दंत चिकित्साधिकारियों को न केवल पदोन्नति संबंधी लाभ प्राप्त होंगे, बल्कि उन्हें विशेष भत्ता (Special Duty Allowance) का आर्थिक फायदा भी मिलेगा। इससे चिकित्सकों की सेवा भावना को बल मिलेगा और ग्रामीण तथा शहरी स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यकुशलता बढ़ेगी।

जानकारी के मुताबिक, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग से जुड़े कई दंत चिकित्सक पिछले कई वर्षों से इस लाभ की प्रतीक्षा कर रहे थे। एसडीएसीपी स्वीकृति के बाद उन्हें अब वित्तीय और पदोन्नति दोनों स्तरों पर समान अवसर प्राप्त होंगे। यह फैसला राज्य में चिकित्सकों की सेवा संतुलन व्यवस्था (Service Parity) की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को केंद्र से 500 करोड़ की स्वीकृति, मुख्यमंत्री ने जताया आभार…

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार का कहना है कि यह कदम चिकित्सा सेवा में पारदर्शिता, प्रेरणा और स्थायित्व लाने में मदद करेगा।दंत चिकित्सक समुदाय ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि सरकार ने वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त की है, यह निर्णय वास्तव में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्साहजनक है।

Continue Reading
Advertisement

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement
Advertisement
To Top