Connect with us

श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को मिलेगी फ्री वाईफाई सुविधा

उत्तराखंड

श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को मिलेगी फ्री वाईफाई सुविधा

चारधाम यात्रा पर देश-विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद और सुगम हो इसके लिए राज्य सरकार एवं प्रशासन लगातार नए प्रयास कर रहा है। देश की सबसे कठिन पैदल यात्राओं में से एक श्री केदारनाथ धाम यात्रा ने इस दिशा में नई कीर्तिमान स्थापित किया है।

केदारपुरी में दर्शन को पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब फ्री वाईफाई की सुविधा उपलब्ध होगी। शनिवार को इसका सफल ट्रायल होने के बाद यह सुविधा श्रद्धालुओं को समर्पित कर दी गई है। बाबा के दर्शनों को पहुंचे श्रद्धालुओं ने इसपर खुशी जाहिर करते हुए सरकार और जिला प्रशासन को इसके लिए आभार जताया है।

यह भी पढ़ें 👉  पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मुख्यमंत्री धामी से की शिष्टाचार भेंट…

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार की पहल पर आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील रुद्रप्रयाग जनपद ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए अपना स्वयं का मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया है। इस नेटवर्क को “डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिसोर्स नेटवर्क” नाम दिया गया है।

यह नेटवर्क न केवल आपदा या किसी भी विकट परिस्थिति में लगातार संचालित रहेगा, बल्कि इसमें मोबाइल डाटा, वॉयस कॉलिंग और हाई क्वालिटी सीसीटीवी विजुअल्स की भी सुविधा उपलब्ध है।

यह भी पढ़ें 👉  हर ब्लॉक में बनेंगे मिनी स्टेडियम, खेल सुविधाओं के विस्तार पर धामी सरकार का बड़ा फैसला…

इसी रिसोर्स नेटवर्क के तहत श्रद्धालुओं को अब फ्री वाईफाई की सुविधा मिलने जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती ने बताया कि वाईफाई का फायदा उठाने के लिए वाईफाई सेटिंग पर जाकर अपना मोबाईल नंबर पंजीकृत करना होगा जिसके बाद एक ओटीपी मोबाईल नंबर पर आएगा जिसे भरने के बाद आधे घंटे तक हाय स्पीड वाईफाई का लाभ उठाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में किसान मेला शुरू, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित…

*देश का पहला मॉडल*

रुद्रप्रयाग देश का पहला जनपद बन गया है, जिसके पास अपना अलग और संपूर्ण मोबाइल नेटवर्क है। जुलाई 2024 में केदारनाथ पैदल मार्ग पर आई आपदा के दौरान जब अन्य मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गए थे, तब यही नेटवर्क यात्रियों, मजदूरों और रेस्क्यू टीमों के लिए जीवन रेखा बना। इससे रास्ते में फंसे लोगों ने अपने घरों से संपर्क किया और राहत एवं बचाव कार्यों में भी अत्यंत मदद मिली।

Continue Reading
Advertisement

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement
Advertisement
To Top