Connect with us

मुख्य सचिव ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सम्बन्धित शिकायतों के सम्बन्ध में दिए निर्देश…

उत्तराखंड

मुख्य सचिव ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सम्बन्धित शिकायतों के सम्बन्ध में दिए निर्देश…

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सम्बन्धित शिकायतों के सम्बन्ध में आन्तरिक परिवाद समितियों गठन के मामले में सभी विभागों की स्थिति स्पष्ट करते हुए रिपोर्ट तलब की है। अभी तक की जानकारी के अनुसार 1549 सरकारी एवं 13 गैर सरकारी आईसीसी का गठन किया गया है। उन्होंने शेष विभागों को तत्काल इस मामले के कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही सीएस श्रीमती रतूड़ी ने महिला सशक्तीकरण विभाग को गर्भवती महिलाओं को कॉल सेन्टर के माध्यम से प्रसव से पूर्व तीन अनिवार्य एएनसी की जांच की पुष्टि के लिए अनिवार्यत दूरभाष से सम्पर्क कर फीडबैक लेने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए संचालित की जा रही गौरा नन्दा देवी सहित सभी योजनाओं की पुष्टि के लिए लाभार्थियों से दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क कर फीडबैक लेने के निर्देश दिए हैं कि क्या वास्तव में महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके लिए संचालित की जा रही योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  सीएम धामी ने जाखन पहुंचकर खुद परखी जन शिकायत, लापरवाही पर जताई नाराजगी…

मुख्य सचिव ने शासकीय बाल देखरेख गृहों, सम्प्रेक्षण गृहों, गैर शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं, खुला आश्रय गृह में रहने वाले बच्चों के स्थायी डिजिटल प्रोफाइल बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि इन संस्थाओं से जाने के बाद शिक्षा और रोजगार में आत्मनिर्भर होने तक उनकी स्थिति पर निरन्तर निगरानी रखी जा सके।

यह भी पढ़ें 👉  हर ब्लॉक में बनेंगे मिनी स्टेडियम, खेल सुविधाओं के विस्तार पर धामी सरकार का बड़ा फैसला…

मुख्य सचिव ने महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग को स्टेट रिसोर्स सेन्टर स्थापित करने के लिए एक सप्ताह की डेडलाइन दी है। मुख्य सचिव ने राज्य में ड्रॉप आउट किशोरियों की जानकारी तथा उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने के डेटा को ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने राज्यभर में स्थापित 14 वन स्टॉप सेन्टर में अभी तक कितनी गर्भवती महिलाओं को प्रतीक्षालाय की सुविधा दी गई है, इसकी रिपोर्ट भी जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में 13 किशोर न्याय बोर्ड एवं 13 बाल देखरेख संस्थाओं के स्थान पर ऑनलाइन सुनवाई हेतु वीडियों कान्फ्रेसिंग सुविधा स्थापना के लिए महिला विकास एवं बाल विकास विभाग की प्रंशसा की। बैठक में मुख्य सचिव ने मिशन, वात्सल्य, मिशन शक्ति तथा मिशन आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजनाओं की समीक्षा करते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समयबद्धता एवं गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  हरिद्वार में मुख्यमंत्री धामी ने शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से लिया आशीर्वाद…

बैठक में सचिव श्री चन्द्रेश यादव सहित महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास व शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे।

Continue Reading
Advertisement

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement
Advertisement
Advertisement
To Top