Connect with us

केंद्रीय विद्यालयों में प्राइमरी टीचर की भर्ती के नियम बदले, अब ये हुआ अनिवार्य…

उत्तराखंड

केंद्रीय विद्यालयों में प्राइमरी टीचर की भर्ती के नियम बदले, अब ये हुआ अनिवार्य…

केंद्रीय विद्यालय प्राइमरी टीचर भर्ती से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि देर शाम केंद्रीय विद्यालय संगठन की तरफ से प्राइमरी टीचर भर्ती नियमों में बदलाव किया गया है। जिसका एक नोटिफिकेशन जारी किया गया। जिसके बाद बीएड डिग्री रखने वालों को प्राइमरी टीचर यानी KVS PET Teacher Recruitment से बाहर कर दिया गया है। इस लेवल के लिए डीएलएड धारकों को ही पात्र घोषित किया गया है। ऐसे में बीएड डीग्री धारको के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।

यह भी पढ़ें 👉  Thuiskomen bij jezelf: 108 lessen in mindfulness : Gratis lezen op elk moment

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन के केंद्रीय विद्यालयों में प्राइमरी टीचर की भर्ती के लिए जरूरी न्यूनतम योग्यता को लेकर एक नोटिस जारी किया है, जिसके अनुसार बीएड डिग्री के साथ आवेदन किए उम्मीदवारों डीएलएड का सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा। सर्टिफिकेट अपलोड करने के लिए कैंडिडेट्स को 17 सितंबर 2023 तक का समय दिया गया है। केंद्रीय विद्यालय ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया है।

यह भी पढ़ें 👉  Itsu the Cookbook: 100 Low-Calorie Eat Beautiful Recipes for Health & Happiness. Every Recipe under 300 Calories and under 30 Minutes to Make - Book Download Free

केद्रीय विद्यालय संगठन की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सिविल अपील पर फैसला सुनाते हुए प्राथमिक शिक्षक पद के लिए बीएड डिग्री को रद्द कर दिया है। 11 अगस्त 2023 को आए इस फैसले के बाद प्राइमरी टीचर बनने के लिए BEd Degree वाले अप्लाई नहीं कर सकते हैं। इस फैसले को ध्यान में रखकर ही नियमों में बदलाव किया गया है।

इस भर्ती के अंतर्गत जिन उम्मीदवारों ने पीआरटी पदों के लिए आवेदन किया है और शैक्षिक योग्यता में बीएड का सर्टिफिकेट उपलोड किया है, वे अपना डीएलएड सर्टिफिकेट अपलोड करें। इसके लिए केवीएस ने ऑनलाइन अप्लीकेशन करेक्शन विंडो आज यानी बुधवार, 13 सितंबर की सुबह 9 बजे से रविवार, 17 सितंबर की रात 00.59 बजे तक ओपेन रखने की घोषणा की है। गौरतलब है कि स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए बीएड या डीएलएड सर्टिफिकेट को लेकर मामला फिर गरमाता नजर आ रहा है।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement
To Top