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शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, छः माह खुलेंगे अब…

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शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, छः माह खुलेंगे अब…

Chardham Yatra 2022:उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2022 अब बंद होने वाली हैं। आज केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो गए हैं।केदारनाथ के कपाट बंद होने के समय धाम में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ थी। कपाट बंद होने को लेकर बुधवार से ही पूजन शुरू हो गया था। आज भैया दूज के मौके पर केदारनाथ धाम के कपाट बंद हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शीतकाल के दौरान यात्रा की चारों धामों में बर्फबारी के कारण अत्यधिक ठंड होती है। इसलिए छह महीने का शीतकाल होता है। हालांकि, कपाट की बंदी को लेकर विधि-विधान की भी अपनी मान्यताएं हैं। आज सुबह 8 बजे केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो गए हैं। आज ही यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद किए जाएंगे।

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बताया जा रहा है कि तड़के तीन बजे केदारनाथ मंदिर को खोले जाने के बाद चार बजे से कपाट बंद करने की समाधि पूजन प्रक्रिया शुरू हुई। पुजारी टी गंगाधर लिंग ने भगवान केदारनाथ के स्वयंभू ज्योर्तिलिंग को शृंगार रूप से समाधि रूप देते हुए उसे बाघंबर, भृंगराज फूल, भस्म, स्थानीय शुष्क फूलों-पत्तों से ढक दिया।

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वहीं इसके बाद भैरव नाथ के आह्वान के साथ गर्भगृह और मुख्य द्वार को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया और भगवान शंकर की पंचमुखी डोली उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर की तरफ रवाना हो गई।

बताया जा रहा है कि शीतकाल के दौरान भगवान केदारनाथ की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर में ही होगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थयात्रियों का आभार जताया और कहा कि इस बार चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

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गौरतलब है कि चारधाम यात्रा के समापन की शुरुआत बुधवार गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने से हुई थी। बुधवार को गंगोत्री धाम के कपाट बंद हो गए हैं। दोपहर 12 बजकर 1 मिनट पर गंगोत्री धाम के कपाट को बंद किया गया। सबसे आखिर में 19 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद किए जाएंगे।

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