Connect with us

नवरात्र: पांचवा चैत्र नवरात्रि, स्कंदमाता करेगी सुख और शांति में वृद्धि,,

उत्तराखंड

नवरात्र: पांचवा चैत्र नवरात्रि, स्कंदमाता करेगी सुख और शांति में वृद्धि,,

आज चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन है। इस दिन स्कंदमाता की पूजा विशेष रूप से जाती है। स्कंद माता को भगवान कार्तिकेय की माता माना गया है। देवी मां दाएं हाथ के नीचे वाले हाथ में भगवान स्कन्द यानी कार्तिकेय को गोद लिए हुए दिखाई देती हैं। इनके हाथों में कमल का फूल और वरदान देने वाली मुद्रा है। स्कंद माता भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी करने वाली मानी गई हैं।

यह भी पढ़ें 👉  सीमांत उत्तरकाशी पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त, हर्षिल पोलिंग बूथ का करेंगे निरीक्षण…

पुराने समय में जब देवताओं और असुरों का युद्ध हुआ था, उस समय कार्तिकेय स्वामी को देवताओं का सेनापति बनाया गया था। शिव जी और पार्वती जी के पुत्र कार्तिकेय का एक नाम स्कंद भी है। स्कंदमाता के चारों ओर सूर्य जैसा तेज दिखाई देता है। स्कंदमाता की उपासना से भगवान स्कंद के बाल स्वरूप की पूजा होती है। देवी का वाहन सिंह है।

यह भी पढ़ें 👉  कैबिनेट के अहम फैसले: नस्ल सुधार से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पूर्ण साक्षर राज्य और अंतरराष्ट्रीय कार रैली को मिली मंजूरी

स्कंदमाता की पूजा से मिलते हैं ये लाभ

स्कंदमाता की पूजा से भक्त का मन एकाग्र होता है। इनकी पूजा से शांति और सुख मिलती है। ज्ञान में बढ़ोतरी होती है। सभी तरह की बीमारियों और कमजोरियों का अंत होता है।

यह भी पढ़ें 👉  जन-जन की सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने गिनाईं केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां
Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement
Advertisement
Advertisement
To Top